
पीएम मोदी आज गुजरात और महाराष्ट्र को देंगें 35000 करोड़ की सौगात देंगें। वडोदरा में विभिन्न विकास परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे, कई परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे और उन्हें राष्ट्र को समर्पित करेंगे। प्रधानमंत्री पश्चिमी समर्पित माल ढुलाई गलियारे के 326 किलोमीटर लंबे तीन प्रमुख खंडों को भी राष्ट्र को समर्पित करेंगे, जिससे परियोजना के पूरा होने का मार्ग प्रशस्त होगा। इसके बाद शाम करीब 5:45 बजे वे मुंबई में ग्लोबल फिनटेक फेस्ट 2026 का उद्घाटन करेंगे और सभा को संबोधित करेंगे।
मोदी वडोदरा में पश्चिमी समर्पित माल ढुलाई गलियारे (डब्ल्यूडीएफसी) के तीन महत्वपूर्ण खंडों को राष्ट्र को समर्पित करेंगे। 326 किलोमीटर लंबे इन तीनों खंडों को 20,700 करोड़ रुपए से अधिक की लागत से विकसित किया गया है। इनमें सानंद (उत्तर)-मकरपुरा, न्यू उंबरगांव-न्यू सफाले और न्यू सफाले-जेएनपीटी खंड शामिल हैं।
इन खंडों के शुरू होने से जवाहरलाल नेहरू पोर्ट को सीधी रेल कनेक्टिविटी मिलेगी। इससे आयात-निर्यात कार्गो की आवाजाही तेज होगी, औद्योगिक केंद्रों और बंदरगाहों के बीच संपर्क मजबूत होगा तथा लॉजिस्टिक्स लागत कम करने में मदद मिलेगी। साथ ही, मुंबई के मौजूदा रेलवे नेटवर्क पर माल ढुलाई का दबाव भी कम होगा।
पीएम नरेंद्र मोदी न्यू सानंद (उत्तर), न्यू मकरपुरा, न्यू उंबरगांव और न्यू जेएनपीटी से मालगाड़ियों की सेवाओं को हरी झंडी दिखाएंगे। इसके अलावा वे वडोदरा और टांडा रोड के बीच नई ट्रेन सेवा को भी हरी झंडी दिखाएंगे। इस सेवा से वडोदरा, छोटा उदेपुर और अलीराजपुर जिलों के लोगों को लाभ मिलेगा। प्रधानमंत्री छोटा उदेपुर-धार परियोजना के तहत विकसित जोबत-टांडा रोड नई रेल लाइन को राष्ट्र को समर्पित करेंगे। यह रेल लाइन अलीराजपुर के दूरस्थ और आदिवासी क्षेत्रों को राष्ट्रीय रेल नेटवर्क से जोड़ेगी। इससे क्षेत्र में आवागमन और संपर्क सुविधाओं को बढ़ावा मिलेगा।
पीएम मोदी 329 किलोमीटर लंबी और 9,700 करोड़ रुपए से अधिक की लागत वाली तीन रेलवे परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे। इनमें वडोदरा-रतलाम तीसरी और चौथी लाइन, मियागाम करजन-चोरंडा-मलसर गेज रूपांतरण और विश्वमित्री-दभोई दोहरीकरण परियोजना शामिल हैं। इन परियोजनाओं से यात्री और माल ढुलाई क्षमता बढ़ाने, रेल यातायात का दबाव कम करने तथा गुजरात और मध्य प्रदेश के बीच संपर्क मजबूत करने में मदद मिलेगी।











