बच्चों को दी जा रही आयरन सीरप की खुराक

– स्वास्थ्य विभाग द्वारा एनीमिया मुक्त भारत अभियान के तहत वितरित की जा रही आयरन-फ़ॉलिक एसिड सीरप

– जनपद में 6.38 लाख बच्चों को दी जाएगी आईएफए सीरप

आगरा,

एनीमिया मुक्त भारत अभियान के तहत स्वास्थ्य विभाग द्वारा छह माह से पांच साल तक के बच्चों के लिए आयरन-फॉलिक एसिड (आईएफए) सीरप अभिभावकों को वितरित की जा रही है। गुरुवार को नियमित टीकाकरण सत्र के दौरान जनपद की सभी स्वास्थ्य इकाइयों पर आईएफए सीरप वितरित किया गया।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अरुण श्रीवास्तव ने बताया कि एनीमिया के कारण बच्चों के आरंभिक जीवन में शारीरिक एवं मानसिक विकास बुरी तरह प्रभावित होता है, जिसका प्रभाव भविष्य में भी पड़ता है। एनीमिया मुक्त भारत कार्यक्रम के तहत छह माह से पांच साल तक के सभी बच्चों को ऑटो डिस्पेंसर युक्त IFA सीरप की 50 ml बोतल वितरित की जा रही है। जिससे कि बच्चों में आयरन की कमी न हो। आईएफए सीरप का वितरण एएनएम व आशा कार्यकर्ताओं के द्वारा किया जा रहा है। सभी को निर्देश दिए गए हैं कि अभिभावकों दवा देने के तरीके के बारे में बताएं और बिना ऑटो डिस्पेंसर फिक्स किए बोतल न दें।

एनीमिया मुक्त भारत के नोडल अधिकारी डॉ. सुरेंद्र मोहन प्रजापति ने बताया कि 10 जुलाई तक चलने वाले अभियान के दौरान 6.3 लाख बच्चों को आईएफए देने का लक्ष्य रखा गया है। माइक्रोप्लान के अनुसार सभी ब्लॉकों में सत्र आयोजित किए जा रहे हैं। प्रत्येक बच्चे को 1 ml सीरप सप्ताह में दो बार देना है। माताओं को इसके लाभ के बारे में विस्तार से बताया जा रहा है।

आयुष्मान आरोग्य मंदिर जीवनीमंडी की प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. मेघना शर्मा ने बताया कि प्रत्येक टीकाकरण सत्र पर छह माह से पांच साल तक के बच्चों के अभिभावकों को आईएफए सीरप वितरित किया जा रहा है और उसके महत्व के बारे में बताया जा रहा है। आईएफए सीरप बच्चों में खून की कमी दूर करता है, रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है और दिमाग के विकास में मदद करता है। एनीमिया से ग्रसित बच्चे पढ़ाई में पिछड़ जाते हैं। इसलिए कोई भी माता अपने छह माह से पांच साल के बच्चे को सीरप दिलवाना न भूलें।

डीसीपीएम डॉ. विजय सिंह ने बताया कि अभियान के दौरान जनपद की 535 एएनएम के द्वारा आईएफए सीरप का वितरण किया जा रहा है, जिसमें ग्रामीण क्षेत्र में 2805 व शहरी क्षेत्र में 860 आशा कार्यकर्ता एएनएम का सहयोग कर रही हैं।

एनआई संस्था की विद्या वर्मा ने जानकारी दी कि अभियान की दैनिक मॉनिटरिंग करके RCH व HMIS पोर्टल पर प्रतिदिन एंट्री की जा रही है।

नगला धनी निवासी तनु ने बताया कि उनकी 11 माह की बेटी दीक्षा को आज एएनएम लवली द्वारा खून बढ़ाने की सीरप पिलाई है और बताया कि इसे सप्ताह में दो बार एक एमएल दवा देनी है। पहले मुझे जानकारी नहीं थी, कि बच्चे को आयरन की दवा पिलानी चाहिए। स्वास्थ्य विभाग द्वारा अच्छी पहल की जा रही है। अब एएनएम दीदी के बताए अनुसार अपनी बेटी को सीरप पिलाउंगी।

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