
• एक अप्रैल 2024 से अब तक 75% पात्र महिलाओं को मिल चुकी है वित्तीय सहायता
• पोषण माह अभियान में जागरूकता का असर, पोषण माह में दर्ज हुए 1180 नए पंजीकरण
• जिला प्रशासन व बाल विकास विभाग की पहल से गर्भवती और धात्री माताओं को मिल रहा सीधा लाभ, बैंक खातों में भेजी जा रही प्रोत्साहन राशि
आगरा,
बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग द्वारा चलाए गए नौवें राष्ट्रीय पोषण माह के तहत गांव-गांव और वार्डों में विशेष शिविरों का आयोजन किया गया। इस अभियान के पूर्ण होने के साथ ही आगरा में 75 प्रतिशत पात्र महिलाओं को इस योजना का लाभ मिल चुका है।

जिला कार्यक्रम अधिकारी मनोज कुमार मौर्या ने बताया कि गर्भवती महिलाओं और धात्री माताओं को बेहतर स्वास्थ्य व पोषण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संचालित ‘प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना’ (PMMVY) का लाभ जनपद में बड़े पैमाने पर पात्र महिलाओं तक पहुँच रहा है। एक अप्रैल 2024 से अब तक कुल 28,488 गर्भवती महिलाओं ने अपना पंजीकरण कराया है, जिनमें से 75% पात्र महिलाओं को योजना के तहत वित्तीय सहायता प्राप्त हो चुकी है। वहीं, हाल ही में आयोजित ‘पोषण माह’ के दौरान जागरूकता और सक्रियता के चलते 1,180 नई गर्भवती महिलाओं का सफल पंजीकरण किया गया है।
जिला कार्यक्रम अधिकारी ने बताया कि नौवें राष्ट्रीय पोषण माह के तहत चलाए गए अभियान के दौरान आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और आशा कार्यकर्ता ने घर-घर जाकर योग्य लाभार्थियों की पहचान की और पोर्टल पर आवेदन दर्ज कराए। पोषण माह के दौरान 1,184 नए आवेदनों का पंजीकरण हुआ, जिससे जल्द ही इन महिलाओं के खातों में पहली व दूसरी किस्त की धनराशि सीधे हस्तांतरित की जाएगी। जिससे जच्चा-बच्चा मृत्यु दर में कमी और स्वस्थ समाज के निर्माण में मदद मिल रही है। हमारा लक्ष्य शत-प्रतिशत पात्र महिलाओं को लाभ दिलाना है।
योजना के तहत दी जाने वाली सहायता राशि—-
• पहले बच्चे के जन्म पर: गर्भावस्था के पंजीकरण, स्वास्थ्य जांच और शिशु के प्राथमिक टीकाकरण के उपरांत दो किस्तों में कुल 5,000 रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है।
• दूसरी संतान बालिका होने पर: बेटियों के जन्म को प्रोत्साहन देने और लैंगिक असमानता को दूर करने के उद्देश्य से एकमुश्त 6,000 रुपये की प्रोत्साहन राशि सीधे डीबीटी (DBT) के माध्यम से भेजी जाती है।
सीधे खाते में भेजी जा रही राशि, प्रक्रिया हुई बेहद आसान—
अर्बन सीडीपीओ यश मेहता ने कहा, पीएमएमवीवाई योजना के पारदर्शी संचालन के लिए सभी किस्तों का भुगतान सीधे लाभार्थियों के आधार से जुड़े (Aadhaar Enabled) बैंक/डाकघर खातों में किया जा रहा है। पात्र महिलाएं स्वयं ऑनलाइन पोर्टल (pmmvy.wcd.gov.in) या अपने क्षेत्र की आंगनवाड़ी कार्यकर्ता की मदद से आसानी से पंजीकरण करा सकती हैं।
पात्र महिलाएं तुरंत उठाएं लाभ
पीएमएमवीवाई की जिला वित्तीय साक्षरता समन्वयक सन्नू सूर्यवंशी ने बताया, “सभी भुगतान DBT के माध्यम से सीधे लाभार्थी के आधार लिंक्ड खाते में किए जा रहे हैं। 75% महिलाओं को भुगतान हो चुका है, शेष का सत्यापन कर भुगतान प्रक्रिया में है।” उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन एवं बाल विकास सेवा विभाग ने अपील की है कि जिन पात्र गर्भवती महिलाओं ने अभी तक योजना में आवेदन नहीं किया है, वे बिना किसी देरी के अपनी निकटतम आंगनवाड़ी कार्यकर्ता से संपर्क करें और आवश्यक दस्तावेजों (आधार कार्ड, बैंक पासबुक आदि) के साथ अपना पंजीकरण सुनिश्चित कराएं।
नई आबादी सिकंदरा स्थित आंगनबाड़ी केंद्र की कार्यकर्ता आरती बताती हैं कि पीएमएमवीवाई के तहत योग्य लाभार्थियों को शहरी क्षेत्रों में भी जागरूक किया जा रहा है। जो गर्भवती महिलाएं आंगनबाड़ी केंद्र पर नहीं आ पाती हैं, उनका गृह भ्रमण के दौरान आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका द्वारा जानकारी प्राप्त कर पंजीकरण किया जाता है, जिससे ज्यादा से ज्यादा पात्र गर्भवतियों को सहायता प्राप्त हो सके। पीएमएमवीवाई से मिलने वाली सहायता से महिलाएं पोषण पर ध्यान दे पा रही हैं।
इस योजना की सफलता की जीती-जागती मिसाल हैं ब्लॉक पिनाहट निवासी 30 वर्षीय पूनम। पूनम बताती हैं, “मेरे पति धर्म सिंह ने सरकारी नौकरी के लिए दो बार परीक्षा दी, लेकिन सफलता नहीं मिली। अब वह प्राइवेट हॉस्पिटल में कंपाउंडर हैं। हमारी आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं है। पहले से एक बेटा है और अब बेटी हुई है। मुझे बेटी के जन्म पर पीएमएमवीवाई के तहत 5000 रुपये का लाभ मिला। यह राशि सीधे मेरे खाते में आई। मैंने इसे गर्भावस्था के दौरान और बाद में अपने खाने-पीने और पोषण पर खर्च किया। गर्भावस्था में पोषण माँ और बच्चा दोनों के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। आज मैं और मेरी बच्ची पूरी तरह स्वस्थ हैं।”
राधा नगर सिकंदरा निवासी 22 वर्षीय मनीषा बताती हैं, “यह मेरा पहला बच्चा है। मेरे क्षेत्र की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ने मुझे प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के बारे में जानकारी दी और मेरा पंजीकरण कराया। इस योजना के तहत मिलने वाली आर्थिक सहायता से मैं अपने और होने वाले बच्चे के पोषण का अच्छे से ध्यान रख पाऊंगी। सरकार की यह मदद हमारे जैसे परिवारों के लिए बहुत बड़ी राहत है।”









