
12वें ब्रिक्स संसदीय मंच की संयुक्त घोषणा में सदस्य देशों ने आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाने का आह्वान किया है। घोषणा में 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर में हुए आतंकवादी हमले की भी कड़े शब्दों में निंदा की गई। इसके साथ ही ब्रिक्स देशों ने संयुक्त राष्ट्र और उसकी सुरक्षा परिषद में व्यापक सुधार, फिलिस्तीन के दो-राष्ट्र समाधान, ग्लोबल साउथ की आवाज को मजबूत करने और एआई तथा डिजिटल तकनीकों के जिम्मेदार इस्तेमाल पर जोर दिया।
ब्रिक्स देशों ने आतंकवादी गतिविधियों में शामिल लोगों और उनका समर्थन करने वालों को संबंधित राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत जवाबदेह ठहराने पर जोर दिया।
घोषणा में अंतर-संसदीय संघ सहित अंतरराष्ट्रीय संसदीय मंचों पर ब्रिक्स के आपसी सहयोग को मजबूत करने की प्रतिबद्धता जताई गई। इसका उद्देश्य ग्लोबल साउथ की आवाज को अधिक प्रभावी ढंग से सामने रखना है। सदस्य देशों ने विकासशील देशों की चिंताओं और प्राथमिकताओं को वैश्विक शासन व्यवस्था में उचित स्थान देने पर जोर दिया।
ब्रिक्स देशों ने जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर निर्धारित योगदान लागू करने और अनुकूलन एवं शमन प्रयासों को मजबूत करने का आह्वान किया। घोषणा में विकसित देशों से विकासशील देशों को अनुकूलन के लिए अतिरिक्त, पर्याप्त, पूर्वानुमेय और सुलभ वित्तीय संसाधन उपलब्ध कराने तथा क्षमता निर्माण और प्रौद्योगिकी हस्तांतरण में सहयोग करने की बात कही गई।












