रोहतक के तुषार दहिया और उनकी माँ परवीन रानी ब्रिटेन में मेयर बनने के बाद अपने घर आए, ढोल नगाड़ों से हुआ स्वागत 

रोहतक के तुषार दहिया और उनकी माँ परवीन रानी ब्रिटेन में मेयर बनने के बाद अपने घर आए तो ढोल नगाड़ों के साथ उनका जोरदार स्वागत किया गया। रोहतक के सेक्टर-34 से ब्रिटेन की स्थानीय राजनीति में पहचान बनाने वाले तुषार दहिया और उनकी मां परवीन रानी अब जनसमस्याओं के समाधान के साथ हिंदी भाषा और भारतीय संस्कृति को बढ़ावा देने में जुटे हैं।

ब्रिटेन में मेयर की जिम्मेदारी संभालने के बाद पहली बार भारत पहुंचे मां-बेटे का ढोल-नगाड़ों के साथ स्वागत किया गया। उनका कहना है कि भारतीय संस्कृति और भाषा को अगली पीढ़ी तक पहुंचाना भी उनकी प्राथमिकताओं में शामिल है।

23 वर्षीय तुषार एल्स्ट्री और बोरहमवुड टाउन काउंसिल के मेयर हैं, जबकि उनकी मां परवीन रानी हर्ट्समेयर बोरो काउंसिल की मेयर चुनी गई हैं। तुषार ने बताया कि उन्हें राजनीति में आने की प्रेरणा मां से मिली। करीब 16 साल की उम्र से सामुदायिक सेवा कर रहे तुषार 20 वर्ष की उम्र में काउंसलर बने।

2025 में डिप्टी मेयर बनने के बाद अब उन्हें मेयर की जिम्मेदारी मिली है। उनका मानना है कि राजनीति में आने से पहले युवाओं को सामुदायिक सेवा के जरिये लोगों की जरूरतों को समझना चाहिए।

परवीन रानी ने बताया कि ब्रिटेन में जन्मे भारतीय मूल के कई बच्चों को हिंदी नहीं आती। ऐसे में वे अपने दादा-दादी और परिवार के बुजुर्गों से सहजता से बातचीत नहीं कर पाते। इस समस्या को देखते हुए मां-बेटे ने हिंदी भाषा को बढ़ावा देने की पहल की। उनके प्रयासों से काउंसिल में पहली बार दिवाली और हिंदी दिवस मनाया गया।

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