पेड लगाएं जीवन सुखद बनाएं हर व्यक्ति हर वर्ष एक पेड लगाएगा, तो धरती पर स्वर्ग बनाएगा

आलेख

भारत की राजधानी – अयोध्या से दिल्ली तक

#भारत की भावी राजधानी पुरातन पौराणिक इतिहास में भारत की सत्ता का केंद्र व राजधानी थी अयोध्या। 'अयोध्या' जिसे कोई युद्ध में जीत न सके...

षडयंत्री इतिहास बच्चों को पढाना बन्द करों – गुरुजी भू

देश की उदारवादी नीतियों ने विश्वगुरु भारत के इतिहास को दुष्ट इतिहासकारों के हाथ में सौंप कर बहुत बड़ी गलती की थी। आज भी...

एसे ही होना चाहिए न्याय – गुरुजी भू

आर्डर आर्डर *न्यायधीश का दंड*🌳 अज्ञात लेखक 👉🏽अमेरिका में एक पंद्रह साल का लड़का था, स्टोर से चोरी करता हुआ पकड़ा गया। पकड़े जाने पर गार्ड की...

भोला किसान बहका धरती का भगवान: क्यों है परेशान – गुरुजी भू

किसान धरती का भगवान, राष्ट्र हित मे भोले किसानों का समर्थन आवश्यक है। किंतु निम्न बातों पर चिंतन अवश्य कीजिए। किसानों की आड में असली...

गंगाजल एवं भारतीय संकृति का विज्ञान

गंगा जल खराब क्यों नहीं होता ? ********** अमेरिका में एक लीटर गंगाजल 250 डालर में क्यों मिलता है? सर्दी के मौसम में कई बार खांसी हो...

7000 लोगों ने काम किया है, 150 साल मंदिर को बनाने में लगे

सन 1682 में उस मुस्लिम शासक ने 1000 मजदूरों को इकट्ठा किया और इस मंदिर को तोड़ने का काम दिया, मजदूरों ने 1 साल तक...

कलयुग में भी सीता जैसी त्यागमूर्ति नारी

ॐ कलियुग में भी सीताजी जैसी त्याग मूर्ति जिन्होंने लन्दन से PHD भी किया है आज कोपरगाँव (महाराष्ट्र) से अपने रास्ते पर, मैंने एक बुजुर्ग...

सामाजिक बुराइयों का दोषी कौन – गुरुजी भू

  मनोरंजन के नाम पर घिनौनापन माता पिता बच्चों के साथ टीवी देखते है जिसमें एक्टर और एक्ट्रेस सुहाग रात मनाते है। एकता कपूर नाम की एक...

मैकाले का गुरुकुलआश्रम बन्द करने का षडयन्त्र

मैकाले का गुरुकुलआश्रम बन्द करने का षडयन्त्र ''''''''''''''''''''''''''''''::*::'''''''''''''''''''''''''''' भारतवर्ष में गुरुकुल कैसे खत्म हो गये ? क्या उन्हें कॉन्वेंट स्कूलों ने किया बर्बाद किया , जी...

अब हास्य ठिठौली का समय नही है

*गम्भीर चेतावनी* *जिंदा रहना है तो सीरियस हो जाओ वरना आने वाले दो सप्ताह की कल्पना मुश्किल होगी* देश-दुनियां में कोई मुसीबत *भारत के लोगों के...

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बुद्ध पूर्णिमा मानव चेतना के उत्कर्ष का वह दिव्य क्षण है, जब अज्ञान के...

बुद्ध पूर्णिमा मानव चेतना के उत्कर्ष का वह दिव्य क्षण है, जब अज्ञान के अंधकार को भेदकर ज्ञान का प्रकाश उदित होता है। यह...

मजदूर दिवस सिर्फ एक औपचारिक उत्सव नहीं, बल्कि यह श्रमिकों के अधिकारों, उनके संघर्षों...

नई दिल्ली। मजदूर दिवस सिर्फ एक औपचारिक उत्सव नहीं, बल्कि यह श्रमिकों के अधिकारों, उनके संघर्षों और उनकी उपलब्धियों का प्रतीक है। अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस...