पेड लगाएं जीवन सुखद बनाएं हर व्यक्ति हर वर्ष एक पेड लगाएगा, तो धरती पर स्वर्ग बनाएगा

आलेख

प्रथम स्वतंत्रता संग्राम में वीरांगनाओ की ललकार

प्रथम स्वतंत्रता संग्राम में वीरांगनाओ की ललकार डॉ कामिनी वर्मा एसोसिएट प्रोफेसर ज्ञानपुर ( भदोही ) उत्तर प्रदेश 10 मई 1857 मेरठ छावनी में सैनिकों के आक्रोश...

फ्लिपकार्ट का साहस देखो : नागालैंड को बताया भारत से बाहर

*_नागालैंड भारत से बाहर का क्षेत्र, हम वहाँ सेवाएँ नहीं देते: विरोध होने के बाद Flipkart ने माँगी माफी_* आज हमारे देशवासियों को, भारतवासियों को...

केरल का उल्टा अध्यादेश – डॉ. वेदप्रताप वैदिक

  केरल की वामपंथी सरकार को हुआ क्या है ? उसने ऐसा अध्यादेश जारी करवा दिया है, जिसे अदालतें तो असंवैधानिक घोषित कर ही देंगी,...

पाईप लाईन में लाईफ लाईन

*पाइपलाइन बने लाइफ लाइन* *डॉ. वेदप्रताप वैदिक* भारत और नेपाल के बीच 69 किमी की तेल पाइपलाइन का बन जाना भारत के सभी पड़ौसी देशों याने...

लगातार सामने आ रही एयरलाइन घटनाओं से भारतीय हवाई अड्डों पर यात्रियों के प्रति...

रोमित पुरोहित भारत का विमानन क्षेत्र पिछले एक दशक में तेज़ी से विकसित हुआ है और आज देश दुनिया के सबसे तेज़ी से बढ़ते हवाई...

हिंगोल की आध्यात्मिकता गंगा, नर्मदा और अलकनंदा से कम नहीं

बलूचिस्तान में शताब्दियों से एक हिंगोल नदी प्रवाहमान है। हम हिन्दुओं के लिए हिंगोल की आध्यात्मिकता गंगा, नर्मदा और अलकनंदा से कम नहीं है।...

हवा के विरुद्ध दीपक का युद्ध

हवा के खिलाफ, चिराग का संघर्ष अविनाश त्रिपाठी हवा को अक्सर चिराग बुझाते देखा है, लेकिन चिराग लवो को रोशन कर, हवा के खिलाफ ऐसी जंग...

इतिहास को किसने बदला ?

*जामा मस्जिद पहले माँ भद्र काली और यमुनोत्री देवी का हिन्दू मंदिर था* ! *लालकिला शाहजहाँ के जन्म से सैकड़ों साल पहले “महाराज अनंगपाल तोमर...

षडयंत्र : जोधा अकबर झूठी कहानी

जब भी कोई राजपूत किसी मुग़ल की गद्दारी की बात करता है तो कुछ मुग़ल प्रेमियों द्वारा उसे जोधाबाई का नाम लेकर चुप कराने...

कश्मीर जुबान प्यारी या जान !

*कश्मीरः जुबान प्यारी या जान ?* *डॉ. वेदप्रताप वैदिक* अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच फ्रांस में हुई भेंट अगर इमरान खान...

Latest article

बुद्ध पूर्णिमा मानव चेतना के उत्कर्ष का वह दिव्य क्षण है, जब अज्ञान के...

बुद्ध पूर्णिमा मानव चेतना के उत्कर्ष का वह दिव्य क्षण है, जब अज्ञान के अंधकार को भेदकर ज्ञान का प्रकाश उदित होता है। यह...

मजदूर दिवस सिर्फ एक औपचारिक उत्सव नहीं, बल्कि यह श्रमिकों के अधिकारों, उनके संघर्षों...

नई दिल्ली। मजदूर दिवस सिर्फ एक औपचारिक उत्सव नहीं, बल्कि यह श्रमिकों के अधिकारों, उनके संघर्षों और उनकी उपलब्धियों का प्रतीक है। अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस...