राजस्थान के शहरी व ग्रामीण क्षेत्र में सरकार द्वारा सड़क क्रांति लाने का दावा किया

राजस्थान के शहरी व ग्रामीण क्षेत्र में सरकार द्वारा सड़क क्रांति लाने का दावा किया है। सरकार का दावा है कि प्रदेश के हर कौने को सड़क से जोड़ा गया है और बेहतर कनेक्टिविटी हुई है। वर्तमान सरकार के कार्यकाल में सार्वजनिक निर्माण विभाग द्वारा 37 हजार 527 करोड़ रुपये से अधिक व्यय कर 51 हजार 790 किलोमीटर लंबी सड़कों का विकास किया गया है। इससे प्रदेश का सड़क नेटवर्क काफी मजबूत हुआ है।

सीएम भजनलाल शर्मा ने बताया कि सड़क निर्माण पर सरकार का पूरा फोकस रहा है। वर्तमान सरकार ने अब तक 18 हजार 917 किलोमीटर की नई सड़कों का निर्माण किया है। इसमें नौ हजार 704 करोड़ रुपये से अधिक का खर्च किया है। राष्ट्रीय राजमार्गों के विकास के लिए 603 किलोमीटर लंबाई के कार्यों पर 4 हजार 210 करोड़ रुपये, राज्य राजमार्गों एवं मुख्य जिला सड़कों के विकास के लिए 8 हजार 318 किलोमीटर लंबाई के कार्यों पर 11 हजार 302 करोड़ रुपये खर्च किए है।

राजस्थान सरकार द्वारा जाम मुक्त बनाने के लिए प्रदेश में पुलों एवं रेलवे क्रॉसिंग का निर्माण किया जा रहा है। इससे प्रदेश में अब तक 13 आरओबी और 17 आरयूबी का निर्माण किया जा चुका है। जबकि 39 आरओबी और 12 आरयूबी के कार्य तेजी से किया जा रहा है। जबकि 13 उच्च स्तरीय पुलों का निर्माण पूरा हो चुका है, जबकि 13 का फिलहाल काम तेजी से चल रहा है। भरतपुर शहर में हीरादास चौराहे से कुम्हेर गेट चौराहे तथा काली बगीची चौराहे से बिजलीघर चौराहे होते हुए आरबीएम अस्पताल तक और जयपुर के सांगानेर क्षेत्र में मुहाना मोड़ पर एलिवेटेड रोड का निर्माण कार्य भी जारी है।

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