भूमि पूजन एवं हवन से शुरू हुआ नवसंवत्सर मेला
- भूमि पूजन एवं हवन से शुरू हुआ नवसंवत्सर मेला
मथुरा।
नवसंवत्सर 2082 की पूर्व संध्या पर नववर्ष मेला समिति मथुरा के तत्वावधान में आयोजित नववर्ष...
कोणार्क मन्दिर कला व विज्ञान का अद्भुत संगम
साभार..कोणार्क मंदिर की मूर्ति उसके भवन से अधिक प्राचीन है। श्रीकृष्ण के पुत्र साम्ब ने श्राप निवारण के लिए चंद्रभागा तट पर तपस्या की...
वैश्विक प्रकृति फिल्म महोत्सव में 34वे सत्र में भारतीय जीवन दर्शन पर संगोष्ठी
पांचवे वैश्विक प्रकृति फिल्म महोत्सव के 15वें दिन में 34 वां सत्र प्रोफेसर डॉ वीके गोस्वामी जी की अध्यक्षता में संपन्न हुआ।
https://www.youtube.com/watch?v=YTXNTJxZKVs
पांचवा वैश्विक प्रकृति...
सिद्धिह ऑर्गेनाइजेशन द्वारा राजा महोत्सव सीजन 2 एवं तेजस्वी सम्मान 2026 का भव्य आयोजन
YMCA, नई दिल्ली।
सिद्धिह ऑर्गेनाइजेशन द्वारा राजा महोत्सव सीजन 2 एवं तेजस्वी सम्मान 2026 का भव्य आयोजन सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर प्रशासन, कला,...
गायन का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन ही है मूल मंत्र -शिल्पा
सॉफ्टवेयर इंजीनियर से सिंगर बनीं शिल्पा सरोच, म्यूजिक इंडस्ट्री में अपने फ़िल्मी गीतों के साथ संगीत दिग्गजों के बीच अपनीअलग पहचान बना चुकी है और अपने अगले ट्रैक की रिलीज़ के लिए तैयार है, जो कि आपको आने वाली फिल्म 'पहाड़गंज' केटाइटल ट्रैक के रूप में सुनने को मिलेगा ।
अपने नए प्रोजेक्ट के बारे में आगे बताते हुए शिल्पा ने कहा, "मैंने 'पहाड़गंज' के टाइटल ट्रैक में रैप किया है” जोकि मेरे लिए काफीचुनौतीपूर्ण था। लेकिन फिल्म के संगीतकार अजय सिंहा ने मेरी इसमे काफ़ी मदद की और मेरा मार्गदर्शन किया। ”
"इसके अलावा, मैं इस प्रोजेक्ट को लेकर इसलिये भी बेहद उत्साहित हूँ।क्योंकि इस फिल्म में मोहित चौहान ने भी एक रोमांटिकगाना गाया है, साथ ही हम दोनों ही हिमाचल प्रदेश से हैं! शिल्पा सरोच को 'ऐ अजनबी' के लिए इंडियन विकिमीडिया के सर्वश्रेष्ठगायक के पुरस्कार से सम्मानित किया गया है।
बेशक इंडस्ट्री में अपनी जगह बनाने की शौकीन, शिल्पा के पास अभी तक सफलता के लिए कोई मंत्र नहीं है। लेकिन वे कहती है“मेरा जुनून और संगीत के लिए प्यार ही मेरे सभी निर्णय लेता है - जिसमें एक प्लैनिन्ग का होना जरूरी होता है, जो कभी-कभी कामकरता है और कभी-कभी नहीं भी करता है। लेकिन मेरे लगातार कोशिश करते रहने के कारण मै हमेशा खुश और संतुष्ट होकर घरजाती हूँ।
“मैं एक इंजीनियर हूँ और अपनी शिक्षा के आधार पर, मैं बहुत एक्स्पेरमेन्ट करती हूँ। शायद मेरे गैर-फिल्मी बैक्ग्राउन्ड के कारण मैंऔपचारिक रूप से प्रशिक्षित नहीं हूँ। मुझे ऐसा लगता है कि मेरे पास खोने के लिए कुछ नहीं है और इसलिए, मैं वही करने कीकोशिश करतीहूँ।जो मेरे दिल को पसंद है।”
यदि वेब सिरीज या फिल्मों के लिए गाने के बीच उन्हे विकल्प दिया जाता है, तो शिल्पा कहती हैं कि वह केवल अपना बेस्ट देने परध्यान देती है चाहे वह बॉलीवुड हो या वेब सिरीज। उनका गीत कहानी को पूरा करने के साथ उसे असरदार बनाने पर जोर देता है।
अंत में शिल्पा ने कहा - मैं इस तथ्य से इनकार नहीं कर सकती कि प्रसारण के ऐसे विभिन्न माध्यम हैं जिससे सब कुछ बदलजाता है। भले ही दोनो में दर्शक लगभग समान होता है लेकिन फिल्मों के लिए गीत गाना हमेशा जीवन के अनुभवो से भी बडा होताहै। अन्तिम में शिल्पा सोरच ने कहा कि, वेब सिरीज एक गायक को गायन का मौका देती है, और इसके अधिक समय तक परदे परचलने के कारण इसकी मदद से दर्शकों से जुड़ने में भी आसानी होती है।
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बॉलीवुड तरंग : बच्चों की उपलब्धियां किसी भी पिता के लिए हमेशा...
भारतीय वैज्ञानिक संस्कृति का हास्य क्यो ?
आप कौवे को भी भारत पर (हिन्दुओं पर) हमलावरों के बुरे असर के उदाहरण की तरह देख सकते हैं। हिन्दुओं के लिए जो भी...
शादी के लिए धर्म-परिवर्तन अनुचित – डॉ. वेदप्रताप वैदिक
शादी के खातिर किसी वर या वधू का धर्म-परिवर्तन करना क्या कानूनसम्मत है ? इस प्रश्न का उत्तर इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने यह दिया...
महिला रत्न सम्मान समारोह 10 मार्च को नई दिल्ली में होगा
महिला रत्न सम्मान समारोह 10 मार्च 2019 को नई दिल्ली में होगा
26 वाँ भूमण्डलीय रत्न सम्मान समारोह नई दिल्ली हेतु नामांकन आमन्त्रण।
नामांकन की अन्तिम तिथि 28...
संगीतकार आनंद भास्कर ने वूट ऑफिशल के लिए गाया नया टाइटल ट्रैक
मिर्जापुर के संगीतकार आनंदभास्कर ने वूटऑफिशल के लिए गाया नया टाइटल ट्रैक
तरंग न्यूज, संवाददाता: 2019 के कुछ बेहतरीन चार्टबस्टर्स कोअपनी लोकप्रिय आवाज देने के बाद, आनंद भास्कर ने एक बार फिर दर्शकोंको वूट ऑरिजिनल के टाइटल ट्रैक "फ्से फैंटसी" ’के साथ सम्मोहित कर दियाहै जिसे प्रसिद्ध संगीतकार जोड़ी रोहन-विनायक ’द्वारा कंपोज़ किया गया है| यह रैप 'बेबी को बेस पासंद है’ कीगायिका इशिता चक्रवर्ती के साथमिलकर गाया गया एक युगल गीत है।यह गाना रातों-रात हिट होकर, रिलीजहोने के छह दिनों के अंदर ही में हजारोंबार देखा जा चुका है।
इस विशेष गीत को गाना कितनामुश्किल था, इस बारे में बताते हुए, आनंद कहते हैं, “मुझे एक रैप शैली केगायन का अनुकरण करना था| हालांकिमैं मूल रूप से रैप शैली से ताल्लुक नहींरखता हूं, इसके बावजूद, मुझे यहमुश्किल नहीं लगा ... क्योंकि मुझे इसनए काम को करने में मजा आ रहा था।"
इस बेहतरीन गायक ने संगीत जगत मेंसबसे पहले अपने बैंड 'आनंद भास्करकलेक्टिव' के साथ सफलता हासिलकी। ये बैंड अपनी हिंदी रॉक शैली के लिए लोकप्रिय है। एक सिंगर-सॉन्गराइटर और म्यूजिक कंपोजर होने केअलावा, आनंद ने देश के कुछ सबसेबड़े टेलीविज़न विज्ञापनों में अपनीआवाज़ भी दी है| बॉलीवुड डेब्यू ‘गेटरेडी टू फाइट अगेन’ (बॉक्स ऑफिसब्लॉकबस्टर बागी 2 ’का थीम सॉन्ग) केबाद आनंद को ऐसे अनगिनतप्रोजेक्ट्स मिले है|
हाल ही में आनंद ने राजस्थान रॉयल्स(2019) के लिए ऑफिशल एंथम गायाऔर एक्सेल एंटरटेनमेंट की हिट वेबसीरीज़ मिर्जापुर ’के पहले सीज़न केसभी गानों को कंपोज़ करने के लिएसंगीत निर्देशक की टोपी को भी दानकर दिया, जिसका दूसरा सीज़न भी इससमय प्रत्याशित है।
आनंद भास्कर वेब सीरीज की दुनिया के लिए कोई अजनबी नहीं है क्योंकि वह पहले भी अर्रे के 'ऑफिशलचुक्यागिरी' और वाई-फिल्म्स के 'लवशॉट्स' जैसे लोकप्रिय वेब सीरीज के लिए कंपोज़ कर चुके हैं।
“प्ले क्यों..?” – एक संवेदनशील हिंदी नाटक ने छू लिया दर्शकों का दिल
नई दिल्ली।
प्रस्तुति:
Films Unfiltered व Karvaan Theatre के संयुक्त सहयोग से
नाटक के बारे में:
"प्ले क्यों..?" — एक भावनात्मक रूप से सशक्त हिंदी नाटक है, जिसे...
प्रकृति का सनातनी विज्ञान
भारत की सनातन संस्कृति विश्व में सर्वाधिक वैज्ञानिक आधार पर खरी उतरती है। इसी तरीके से प्रकृति और पर्यावरण के लिए हमारे ऋषि-मुनियों ने...








