पेड लगाएं जीवन सुखद बनाएं हर व्यक्ति हर वर्ष एक पेड लगाएगा, तो धरती पर स्वर्ग बनाएगा
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मनोज तिवारी ने नामांकन से पहले रोड शो किया, कार्यकर्ताओं ने भरी विजय की...

मनोज तिवारी ने नामांकन से पहले रोड शो किया, कार्यकर्ताओं ने भरी विजय की हुंकार आज भारत विश्व में कीर्तिमान की ऊंचाइयों को छू रहा...

आदर्श चुनाव आचार संहिता की धज्जियां उड़ा रहे हैं केजरीवाल-रविन्द्र गुप्ता

भाजपा ने निर्वाचन अधिकारी और पुलिस आयुक्त से की केजरीवाल के खिलाफ कार्रवाई की मांग दिल्ली के मतदाता केजरीवाल के भ्रामक प्रचार से गुमराह होने...

जैन गुरू विद्या सागर महाराज ने हंसराज हंस को दिया आशीर्वाद

 इन दिनों दिल्ली का तापमान बढ़ने के साथ-साथ लोकसभा चुनाव में प्रत्याशियों का प्रचार प्रसार भी तेजी से बढ़ रहा है। वहीं आज को...

सांसद मीनाक्षी लेखी ने आम आदमी पार्टी से दिल्ली के उच्च शिक्षा संस्थानों में...

नई दिल्ली लोकसभा से भाजपा उम्मीदवार श्रीमती मीनाक्षी लेखी ने कहा कि अरविंद केजरीवाल ऐसे वादे करते रहें हैं, जिन्हें कि वो कभी पूरा...

सी.आई.एस.वी. यूथ मीटिंग में प्रतिभाग हेतु सी.एम.एस. छात्र दल नार्वे रवाना

  सिटी मोन्टेसरी स्कूल, महानगर कैम्पस का सात-सदस्यीय छात्र दल सी.आई.एस.वी. यूथ मीटिंग में प्रतिभाग हेतु आज नार्वे रवाना हो गया। नार्वे रवाना होने से...

शुक्र करेगा धनु राशि में प्रवेश, 5 राशियों को मिलेगा लग्जरी लाइफ का सुख

लग्जरी लाइफ का कारक ग्रह शुक्र राशि परिवर्तन करने वाला है। शुक्र का यह राशि परिवर्तन धनु राशि में 29 जनवरी को...

बाल सुलभ प्रतिभा का अद्भुद नजारा दिखा ओपेन डे समारोह में

सी.एम.एस. राजाजीपुरम (द्वितीय कैम्पस) द्वारा ओपेन डे समारोह का भव्य आयोजन सिटी मोन्टेसरी स्कूल, राजाजीपुरम (द्वितीय कैम्पस) द्वारा ‘‘ओपेन डे समारोह’’ का भव्य आयोजन आज...

मोदी सुशासन के प्रेरणास्रोत : शिवाजी और सयाजी

शिवाजी और सयाजी से ली है मोदी ने ‘सुशासन’ की प्रेरणा नरेंद्र मोदी को लगातार शासन सूत्र संभाले हुए आज 19 साल हो गये हैं...

पत्तल पर भोजन खाये स्वस्थ रहे

क्या आप जानते हैं कि #पत्तल में भोजन करने से कितने अदभुत लाभ हो सकते हैँ.! ● आपको यह जानकर आश्चर्य होगा कि हमारे देश...

नक्सलियों से कैसे निपटें ? – डॉ. वेदप्रताप वैदिक

  छत्तीसगढ़ के टेकलगुड़ा के जंगलों में 22 जवान मारे गए और दर्जनों घायल हुए। माना जा रहा है कि इस मुठभेड़ में लगभग 20...

2014 में भारत अर्थव्यवस्था में 11 वें स्थान पर था जो अब 2019 में...

कांग्रेस की सरकार ने 55 सालों में 12 करोड़ गैस कनेक्शन दिये, 55 महिने की प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सरकार ने 13 करोड़ गैस कनेक्शन...

आत्मनिर्भर भारत: डिजिटल खेल व स्वदेशी खिलौनें अपनाओ – प्रधानमंत्री

आत्मनिर्भर भारत: डिजिटल खेल व खिनौने बनाओ व्यापार बढ़ाओ आत्मनिर्भर भारत बनाने हेतु भारत में खिलौने बनाने का व्यापार बहुत बड़ा हो सकता है। आज...

ट्रक से टकराते ही कार में लगी आग, जिंदा जले पांच लोग

एटा: उत्तर प्रदेश के एटा में भीषण सड़क हादसा हुआ है, जहां तेज रफ्तार कार की सड़क किनारे खड़े ट्रक से टक्कर हो गई. तुरंत बाद...

विश्व महिला परिवार की अध्यक्ष भावना त्यागी भारतीय को मिला महिला शक्ति अवार्ड

तरंग: विश्व महिला दिवस पर गाजियाबाद के बार एसोसिएशन हॉल में आयोजित कार्यक्रम चेतना केन्द्र की संस्थापक श्रीमती इंदु सिंह, विश्व महिला परिवार की...

आम आदमी पार्टी विधायक अनिल वाजपेयी अरविन्द केजरीवाल के तानाशाह रवैया से परेशान अपने...

आम आदमी पार्टी विधायक अनिल वाजपेयी अरविन्द केजरीवाल के तानाशाह रवैया से परेशान अपने समर्थकों के साथ भाजपा में शामिल   क्या केजरीवाल अपने विधायकों को...

मजबूत सरकार से व्यापार को बढ़ावा- रंजीत कुमार, वाइस प्रेसिडेंट, आईसीसीआई

इंटीग्रेटेड चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के वाइस प्रेसिडेंट रंजीत कुमार ने कहा है कि आज देश में मजबूत सरकार की आवश्यकता है। जिसके...

मनोज कु जिन्दल बीते 24 दिनो से 1000 लोगों को प्रतिदिन सुबह शाम भोजन...

    माता सरोज जिन्दल चैरिटेबल ट्रस्ट ए-76 शास्त्री नगर दिल्ली वार्ड नं 79 द्वारा करोना वायस महामारी लोकडाउन में जरूरतमंद लोगों की सहायता हेतु करीब...

कांग्रेस समर्थित अकाली दल सरना द्वारा पाकिस्तान के उच्चायुक्त के विदाई समारोह में शामिल...

कांग्रेस समर्थित अकाली दल सरना द्वारा पाकिस्तान के उच्चायुक्त के विदाई समारोह में शामिल होना, शहीदों का अपमान - मनोज तिवारी पाकिस्तान उच्चायुक्त का सम्मान...

ट्विटर चैपाल के जरिये मंगलवार को श्रीमती मिनाक्षी लेखी करेंगी जनता से सीधा संवाद

 भाजपा की राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं नई दिल्ली भाजपा लोकसभा प्रत्याशी श्रीमती मिनाक्षी लेखी द्वारा मंगलवार को ट्विटर चैपाल किया जा रहा है। इस कार्यक्रम...

इतिहास के साथ धोखे का दोषी कौन – गुरुजी भू

हमारे साथ हमारे अपने देश के ही इतिहासकार धोखा कर गये। बाबर ने मुश्किल से कोई 4 वर्ष राज किया। हुमायूं को ठोक पीटकर भगा...

अथ: श्री नेता चरित्रम्

  अथ: श्री नेता चरित्रम्   जरा सोचिए और नेताओं का चरित्र पहचानिए शत्रुघ्न सिन्हा बरसों तक BJP में रहा कांग्रेस को कोसते रहा और जब उसे कोई...

हवा के विरुद्ध दीपक का युद्ध

हवा के खिलाफ, चिराग का संघर्ष अविनाश त्रिपाठी हवा को अक्सर चिराग बुझाते देखा है, लेकिन चिराग लवो को रोशन कर, हवा के खिलाफ ऐसी जंग...

ए.आई. रहमान और जोशी – डॉ. वेदप्रताप वैदिक

  इस हफ्ते मैंने अपने दो मित्र खो दिए। एक तो पाकिस्तान के श्री आई.ए. रहमान और दूसरे इंदौर के श्री महेश जोशी ! ये...

आचरण से वामपंथी और भाषणो में लोकतांत्रिक – किशोर बड़थ्वाल

आपको लगता है कि ममता बनर्जी के शासन संभालने के बाद बंगाल में वामपंथी शासन समाप्त हो गया था? यही बात अखिलेश शासन काल के लिये सोच कर देखिये,क्या वह एक लोकतांत्रिक दल होने के नाते समाजवादी विचारधारा पर काम कर रहा था? यही बात मध्य प्रदेश और राजस्थान की नई सरकार के बारे में विचार कर के देखें, क्या वोगांधी जी या शास्त्री जी वाली कांग्रेस की किसी भी विचारधारा से मेल खाते हुए शासन कर रहे हैं? कर्नाटक सरकार का शासन लोकतांत्रिक मूल्यों का सम्मान करते हुए शासन चला रहाहै?  इन सब पर विचार करें तो यही आभास होता है कि लोकतांत्रिक दल होने के बाद भी इनकी कार्यशैली में वामपंथ ने तेजी से पैर पसार लिये हैं।        लोकतंत्र का विलाप करने वाले अक्सर ‘जनता का, जनता के लिये, जनता के द्वारा’ का नारा लगाते हैं, क्या पश्चिम बंगाल, कर्नाटक, राजस्थान, मध्यप्रदेश की सत्ता केनिर्णयों में इस सद्वाक्य का कोई भी आभास लगता है? वामपंथ का ध्येय सूत्र ‘सरकार ही सब कुछ’ के अनुसार चलने वाली सत्ता का तो समझ आता है कि यह उनकी विचारधारा है,और वो लोकतंत्र में चुनकर आने के बाद अपनी विचारधारा से ही शासन चलायेंगे, लेकिन लोकतांत्रिक मूल्यों पर दिन रात ढिंढोरा पीटने वाली पार्टियां अपने लोकतांत्रिक दायित्वों कोकैसे वामपंथी विचारधारा से चलाती हैं, यह समझ से परे है।             दल के रूप में वामपंथ का पतन भी हुआ है और आकार भी घटा है, लेकिन आचरण और व्यवहार के रूप में स्वतंत्रता के बाद से ही इसने अनेकों लोकतांत्रिक दलों मेंसंक्रमण कर लिया था। जो काम पश्चिम बंगाल की वामपंथी सरकार सत्ता में आने के बाद 34 वर्षों तक करती रही, उस आचरण को स्वतंत्रता के बाद से ही कांग्रेस ने अपने आचरण मेंउतार लिया था। सत्ता में किसी भी प्रकार से आने के लिये विरोधियों को कुचलना, प्रशासन में अपने लोग भर देना, किसी भी वैचारिक विरोधी की हत्या कर देना, अपने से इतर किसीभी विचार को पनपने ना देना, जनता की आस्था श्रद्धा से जुड़े विषयों से भयभीत होना, अपने वर्चस्व को बनाये रखने के लिये माओवाद को गुप्त रूप से पनपने देना और सहायताकरना यह वामपंथ के शासन काल में होता आया है और यह उनके द्वारा शासित राज्यों में होने वाली घटनाओं में दिखता भी है।          कांग्रेस ने यह आचरण 50 के दशक से ही दिखाना शुरु कर दिया था, संस्थाओं में योग्यता ना होते हुए भी अपने लोगों को भरा गया, इतिहास को विकृत करने के लियेपश्चिम की दृष्टि से प्रभावित लोगों से इतिहास बनवाया गया जिसमे भारतीय दृष्टिकोण की नितांत कमी रही, जिनसे भी देश की श्रद्धा आस्था में बढोत्तरी हो, ऐसी प्रत्येक संस्कृति याउससे जुड़ी चीजों को उठने नही दिया गया, गौरक्षा आंदोलन को असफल करने के लिये संसद भवन के पास भी संतों पर गोलियां चलवाने में गुरेज नही किया गया। पंडित दीनदयालउपाध्याय जी, श्यामा प्रसाद मुखर्जी, एल.एन. मिश्रा जैसे व्यक्ति जो चुनौती देते दिखे, उनकी संदिग्ध मृत्यु हो गयी।           इस देश की विशेषता है कि तमाम दुश्वारियों के बाद भी इसने 800 वर्षों तक संघर्ष कर स्वयं को जीवित रखा है। इसी विशेषता के कारण कांग्रेस के छल प्रपंच 70 केदशक तक आते आते लोगों को समझ आ गये थे, लेकिन विचारधारा से लोकतांत्रिक और आचरण से पूर्णतया वामपंथी हो चुकी इंदिरा सरकार ने अपने को पूर्ण शक्तिशाली बनाने केलिये आपातकाल लगाया। वामपंथी हो चुकी कांग्रेस के विरोध में नये नये नेता लोकतंत्र की तख्ती लेकर सड़कों पर निकल आये। आपातकाल के विरुद्ध हुआ आंदोलन एक मंथन थाजिसमें लालू, मुलायम जैसे विष भी निकले। अपनी गलत नीतियों और कर्मों से गांधी परिवार के दो प्रधानमंत्रियों की हत्या हुई तो उसके भावुक पक्ष का लाभ लेकर कांग्रेस को कुछसाल और ऑक्सीजन मिल गयी। अपने आचरण में सभी प्रकार की बुराईयों से लैस कांग्रेस ने नेता तो पैदा किये, लेकिन योग्यता उनमे कैसे आये, इसकी कोई प्रक्रिया उस पूरी पार्टी मेंनही थी। शासन चलाने का अर्थ सिर्फ सत्ता में बने रहना और अगला चुनाव जीतना तक सीमित था। नरसिंहाराव योग्य थे लेकिन उनके साथ किस प्रकार का व्यवहार किया गया येसबने देखा। कांग्रेस के डांवाडोल होने का लाभ लालू, मुलायम, शरद यादव जैसे नेताओं को भी मिला, और उन्होंने भी राज्यों में सत्ता हथिया ली।           लोकतंत्र और समाजवाद के नाम पर आयी ये नयी खेप ने आते ही अपने आचरण में वामपंथी नीति ही अपनाई। अपने लोगों को शासन में भरना, गुंडों का संरक्षणकरना, आस्था श्रद्धा से जुड़ी किसी भी चीज को समाज में उभरने ना देना, भजन और कीर्तन तक पर रोक लगा देना, तुष्टीकरण के लिये सीमायें लांघ देना, और समाज के विघटन केलिये किसी भी हद तक चले जाना इनका शासन करने का तरीका रहा।            इन सबसे परे एक और दल था जो लोकतंत्र के लिये कार्य करता रहा, और देशहित में लोकतांत्रिक मूल्यों पर सत्ता चलाता रहा। इस दल की विशेषता रही कि इसके पासयोग्य नेता थे, और इसके पास एक प्रक्रिया थी जिसके द्वारा यह भविष्य के नेता तैयार करता था। और आज जब भाजपा ने सत्ता में लोकतांत्रिक मूल्यों को स्थापित किया है तो उसकाभय वामपंथी दलों के साथ वामपंथी आचरण वाले दलों में समा रहा है, जिसका परिणाम गठबंधन के रूप में आ रहा है। इस गठबंधन में वैचारिक दृष्टिकोण समान नही है, लेकिनआचरण के रूप में यह सब वामपंथी ही हैं, जो लोकतंत्र के स्थान पर उसी परंपरा पर शासन करने के आदी हैं जिसके अनुसार बंगाल, मध्यप्रदेश और केरल में दूसरे दलों केकार्यकर्ताओं की हत्यायें हो रही हैं, जिसके कारण उत्तर प्रदेश में भर्तियों में जमकर धांधली कर अपने लोग भरे गये थे, जिसके कारण बंगाल में दुर्गा पूजा और उत्तर प्रदेश में भजनकीर्तन पर प्रतिबंध लगा दिया गया था, और जिसके कारण केरल में सबरीमाला में जबरदस्ती प्रवेश किया जा रहा है।                       2019 का चुनाव देश का भविष्य तय करेगा, यह तय करेगा कि लोकतंत्र का मुखौटा डाले वामपंथी आचरण वाले माओवादी सरकार में आयें या फिर लोकतांत्रिकमूल्यों की सुरक्षा करते हुई ‘जनता की, जनता के द्वारा, जनता के लिये’ वाली सरकार शासन करे।             समस्या गठबंधन नही है, यदि इनके अंदर लोकतंत्र का सम्मान करते हुए देश को आगे बढाने की प्रवृत्ति होती तो फिर देश के भविष्य के लिये चिंतित होने कीआवश्यकता सामान्य जन को नही होती, समस्या ये है कि यह पार्टियां देश के लिये नही, अपनी सत्ता और दूसरे को कुचलने के लिये काम करती हैं, यह देश की संस्कृति परंपरा केस्थान पर तुष्टिकरण और विघटन को जन्म देती हैं, यह देश के गरीबों के लिये नही, अपने चाटुकारों और अपने को लाभ पहुंचाने वालों के लिये काम करती हैं।             यदि केंद्र की उपलब्धियों को देखें तो 5 वर्ष में इतना कुछ हुआ जितना 60 वर्षों नही हुआ। अयोग्य शासक देश, धर्म, संस्कृति और देश के नागरिकों सहित सभी कानुकसान करता है, लेकिन यह भी सत्य है कि नेता अयोग्य हो या योग्य, उसको चुनती जनता ही है, और जो चुना जायेगा, वो ऐसा होगा जिसे हमें भुगतना पड़ेगा, या वो ऐसा होगा जोहमें हमारी ईमानदारी और मेहनत का भुगतान करेगा, ये हमारे वोट पर निर्भर करेगा। 2019 सिर्फ चुनाव नही है, ये एक दोराहा है जिसमें एक राह विकास की है, और दूसरी देश केअपमान, अराजकता, गरीबी की है। देश के स्टीयरिंग को किस हाथ में देना है, यह निर्णय हमें ही लेना है।

गली गली में रावण बैठा, इतने राम कहां से लाऊं ? – गुरुजी...

कोरोना से तो फिर भी बच जाएंगे, इस घटिया मानसिकता से कैसे बचेंगे? इस भारत देश में आज गली गली में देशद्रोहियों का जमावड़ा हो...

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करदाताओं ने भर दिया भारत का सरकारी खजाना, नेट डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन 23.09% बढ़कर...

नई दिल्ली, चालू वित्त वर्ष में 10 अगस्त तक भारत का नेट डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन सालाना आधार पर 23 फीसदी बढ़कर 8.11 लाख करोड़ रुपए...