उलझते प्रश्नों के यथार्थवादी उत्तर
कर्म ज्ञान को अच्छे से समझने का प्रयास कीजिए
चलो महाभारत काल में चलते है।
पहली बात, मेरे मन में एक प्रश्न उठता रहा है कि महाभारत...
कर्म ज्ञान
कर्म ज्ञान को अच्छे से समझने का प्रयास कीजिए
चलो महाभारत काल में चलते है।
पहली बात,
महाभारत में कर्ण ने श्री कृष्ण से पूछी
मेरी माँ ने...
सफलता के विभिन्न आयाम
सफलता क्या है ??
4 वर्ष की आयु में सफलता यह है कि आप अपने कपड़ों को गीला नहीं करते।
8 वर्ष की उम्र में सफलता...
सिने कलाकार या देशद्रोह के ठेकेदार ?
JNU में हुई शर्मनाक हिंसा के बाद
मुम्बई में कुछ गद्दार, देशद्रोही सिनेमा कलाकारों द्वारा विरोध प्रदर्शन किया गया। करें भी क्यों ना क्योंकि इनको...
आओ जाने चुकंदर के लाभ
चुकंदर के स्वास्थ्य लाभ
🔸🔸🔹🔸🔹🔸🔸
चुकंदर एक ऐसी सब्जी है जिसे बहुत से लोग नापसंद करते हैं। इसके रस को पीने से न केवल शरीर में...
विश्व हिन्दी दिवस की कोटि कोटि शुभकामनाएं
*विश्व हिंदी दिवस 10जनवरी*
*अंतरराष्ट्रीय भाषा के रूप में प्रचार-प्रसार करने के लिए विश्व भर में भी लोग मनाते हैं हिंदी दिवस*हिन्दी बोलने का प्रयास...
ये अस्पताल है या कब्रिस्तान – डॉ. वेदप्रताप वैदिक
भारत में सरकारी अस्पतालों की कितनी दुर्दशा है, इस पर मैं पहले भी लिख चुका हूं। लेकिन इधर राजस्थान में कोटा के जेके लोन...
हमें नया सूरज बनाना ही होगा – गुरुजी भू
मैने 32 वर्ष पहले एक कविता लिखी थी। वो सूरज के बूढा होने की कल्पनाओं पर आधारित थी। वो शायद मेरी निराशा थी, लेकिन...
हर नागरिक को अपने कानूनी अधिकारों के बारे में हो जानकारी ~ जितेंद्र प्रताप...
अमित राजपूत ( कानपुर देहात ) : सिविल बार एसोसिएशन अध्यक्ष जितेन्द्र प्रताप सिंह चौहान ने कहा हर नागरिक को अपने कानूनी अधिकारों के बारे...
शेल्टर होम में लगा ताला आश्रम हीन लोग सड़क किनारे सोने पर मजबूर
विकास बाजपेई (कानपुर) : सरकार ने आश्रम हीन लोगों के लिए करोड़ों रुपए खर्च किया और शेल्टर होम का निर्माण कराया साथ ही राज्य...
विदेश नीतिः नरम-गरम, दोनों – डाॅ. वेदप्रताप वैदिक
कई लोग पूछ रहे हैं कि विदेश नीति के हिसाब से पिछला साल कैसा रहा ? मैं कहूंगा कि खट्टा-मीठा और नरम-गरम दोनों रहा।...
नया सेना प्रधान – कुछ सवाल ? – डाॅ. वेदप्रताप वैदिक
भारत को आजाद हुए 72 साल हो गए लेकिन देश के सेना प्रमुख या सेनापति या सेनाध्यक्ष या प्रधान सेनापति की नियुक्ति अब हो...
हिंदू या भारतीय, क्या कहें ? – डाॅ. वेदप्रताप वैदिक
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के मुखिया मोहन भागवत के हिंदू-संबंधी बयान पर भाजपा की कुछ सहयोगी पार्टियों ने असहमति व्यक्त की है और विरोधी दल...
सूर्य ग्रहण विशेष : राशियों पर प्रभाव और उपाय सहित
सूर्य ग्रहण का हिन्दू धर्म और वैदिक ज्योतिष में बड़ा महत्व है। आधुनिक विज्ञान के अनुसार ग्रहण महज एक खगोलीय घटना है
लेकिन भारतीय ज्योतिष...
भारत अमेरिका – नये आयाम
भारत-अमेरिका: नए आयाम
डॉ. वेदप्रताप वैदिक
हमारे रक्षामंत्री राजनाथसिंह और विदेश मंत्री जयशंकर की यह अमेरिका-यात्रा दोनों देशों के संबंधों में कुछ नए आयाम जोड़ रही...
ट्रंप-विरोधी नौटंकी – डॉ. वेदप्रताप वैदिक
*ट्रंप-विरोधी नौटंकी*
*डॉ. वेदप्रताप वैदिक*
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ऐसे तीसरे राष्ट्रपति हैं, जिन पर वहां की संसद महाभियोग चलाएगी। उनके पहले 1868 में एंड्रू...
भारत माता की पुकार – एसी हो सरकार
आज मैं एक भारतीय होने के नाते ये लेख लिखने को बाध्य हूं। मुझे भी भारतीय होने पर गर्व है।
370, भगवान श्री राम मंदिर,...
मुशर्रफ को सजा-ए-मौत गलत – डाॅ. वेदप्रताप वैदिक
जनरल परवेज मुशर्रफ को देशद्रोह के अपराध में सजा-ए-मौत हो गई। यह अनहोनी है। क्यों है ? क्योंकि आज तक किसी पाकिस्तान की अदालत...
दंगो का षड्यन्त्र, एसा क्या हुआ जो बिल को पढने – समझने में 5...
जो ना समझे वो पागलखाने में अपना इलाज कराए।
नागरिकता संशोधन विधेयक लोकसभा में 09 नवम्बर को
तथा राज्यसभा में 11 नवम्बर को प्रचण्ड बहुमत से...
मुस्कान योग से आनन्द ही आनन्द
मुस्कान योग से करें मनोकामना पूर्ति।
कोई भी व्यक्ति केवल आनन्द के लिये ही जीता है ? मुस्कान योग हर तरह के आनन्द को बढ़ाता...
नागरिकता संशोधन कानून पर उठे सवाल
नौ बड़े सवालों के जवाब:
प्रश्न- क्या यह भारतीय हिंदुओं , मुसलमानों या किसी अन्य को प्रभावित करता है ?
उत्तर- नहीं , यह किसी भी...
इस कानून से हिंदू क्यों नाराज हैं ? – डाॅ. वेदप्रताप वैदिक
कितने मजे की बात है कि गृहमंत्री अमित शाह ने जो नया नागरिकता विधेयक संसद से पारित करवाया है, उसका विरोध भारत के मुसलमान...
नागरिकताः सरकार की नादानी – डाॅ. वेदप्रताप वैदिक
नया नागरिकता विधेयक अब जो जो गुल खिला रहा है , उसकी भविष्यवाणी हमने पहले ही कर दी थी। सबसे पहले तो मोदी और...
अदालत से ही अब आशा – डाॅ. वेदप्रताप वैदिक
संसद ने किसी कानून को स्पष्ट बहुमत से पारित किया हो और उसके खिलाफ इतना जबर्दस्त आंदोलन चल पड़ा हो, ऐसा स्वतंत्र भारत के...
कहां सावरकर और कहां राहुल ? – डाॅ. वेदप्रताप वैदिक
हमारे आजकल के नेताओं से यह आशा करना कि वे नेहरु , लोहिया , श्यामाप्रसाद मुखर्जी , विनोबा , अटलबिहारी वाजपेयी और नरसिंहराव की...








