पेड लगाएं जीवन सुखद बनाएं हर व्यक्ति हर वर्ष एक पेड लगाएगा, तो धरती पर स्वर्ग बनाएगा
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नये भारत में पूरे पैसे किसानों के खाते में ही जाएंगे, दलालो की जेब...

नये भारत में पूरे पैसे किसानों के खाते में ही जाएंगे, दलालो की जेब मे नही – मोदी अब क्रेडिट कार्ड से 1 लाख 60...

गली गली में रावण बैठा, इतने राम कहां से लाऊं ? – गुरुजी...

कोरोना से तो फिर भी बच जाएंगे, इस घटिया मानसिकता से कैसे बचेंगे? इस भारत देश में आज गली गली में देशद्रोहियों का जमावड़ा हो...

स्किल इण्डिया आई.ए.एस. एकेडमी, भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) में पूरे भारत में छटा...

स्किल इण्डिया आई.ए.एस. एकेडमी, रिद्धी-सिद्धी, जयपुर (राजस्थान) ने दिया, भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) में पूरे भारत में 6th Rank ‘शुभम गुप्ता’ के रूप में।...

हिंदी में बोलने पर सजा ? – डॉ. वेदप्रताप वैदिक*

*हिंदी में बोलने पर सजा ?* *डॉ. वेदप्रताप वैदिक* आयुष मंत्रालय के सचिव राजेश कोटेचा ने बर्र के छत्ते में हाथ डाल दिया है। द्रमुक की...

आत्मनिर्भर भारत हेतु महिलाओं को ओर अधिक सजग होना है – सांसद सुनीता दुग्गल

जनकल्याण एवं मानव कल्याण समिति के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित वेबीनार आत्मनिर्भर भारत की ओर महिलाओं के बढ़ते कदम जन कल्याण एवं मानव कल्याण समिति के...

विश्व मित्र परिवार द्वारा वृन्दावन में कृष्ण क्रीड़ा का शुभारंभ

वृंदावन तरंग: महाकुंभ में कृष्ण क्रीड़ा नामक एक नया खेल स्थापित किया गया है।जिसमें भगवान श्री कृष्ण की गेंंद क्रीड़ा का वर्णन होता है। विश्व मित्र परिवार...

पहले चरण के लोकसभा चुनाव शांतिपूर्ण संपन्न

पहले चरण के लोकसभा चुनाव शांतिपूर्ण संपन्न लोकसभा चुनाव के पहले दौर में गुरुवार 11 अप्रैल को 18 राज्यों और दो केंद्र-शासित प्रदेशों की 91 सीटों पर...

आचरण से वामपंथी और भाषणो में लोकतांत्रिक – किशोर बड़थ्वाल

आपको लगता है कि ममता बनर्जी के शासन संभालने के बाद बंगाल में वामपंथी शासन समाप्त हो गया था? यही बात अखिलेश शासन काल के लिये सोच कर देखिये,क्या वह एक लोकतांत्रिक दल होने के नाते समाजवादी विचारधारा पर काम कर रहा था? यही बात मध्य प्रदेश और राजस्थान की नई सरकार के बारे में विचार कर के देखें, क्या वोगांधी जी या शास्त्री जी वाली कांग्रेस की किसी भी विचारधारा से मेल खाते हुए शासन कर रहे हैं? कर्नाटक सरकार का शासन लोकतांत्रिक मूल्यों का सम्मान करते हुए शासन चला रहाहै?  इन सब पर विचार करें तो यही आभास होता है कि लोकतांत्रिक दल होने के बाद भी इनकी कार्यशैली में वामपंथ ने तेजी से पैर पसार लिये हैं।        लोकतंत्र का विलाप करने वाले अक्सर ‘जनता का, जनता के लिये, जनता के द्वारा’ का नारा लगाते हैं, क्या पश्चिम बंगाल, कर्नाटक, राजस्थान, मध्यप्रदेश की सत्ता केनिर्णयों में इस सद्वाक्य का कोई भी आभास लगता है? वामपंथ का ध्येय सूत्र ‘सरकार ही सब कुछ’ के अनुसार चलने वाली सत्ता का तो समझ आता है कि यह उनकी विचारधारा है,और वो लोकतंत्र में चुनकर आने के बाद अपनी विचारधारा से ही शासन चलायेंगे, लेकिन लोकतांत्रिक मूल्यों पर दिन रात ढिंढोरा पीटने वाली पार्टियां अपने लोकतांत्रिक दायित्वों कोकैसे वामपंथी विचारधारा से चलाती हैं, यह समझ से परे है।             दल के रूप में वामपंथ का पतन भी हुआ है और आकार भी घटा है, लेकिन आचरण और व्यवहार के रूप में स्वतंत्रता के बाद से ही इसने अनेकों लोकतांत्रिक दलों मेंसंक्रमण कर लिया था। जो काम पश्चिम बंगाल की वामपंथी सरकार सत्ता में आने के बाद 34 वर्षों तक करती रही, उस आचरण को स्वतंत्रता के बाद से ही कांग्रेस ने अपने आचरण मेंउतार लिया था। सत्ता में किसी भी प्रकार से आने के लिये विरोधियों को कुचलना, प्रशासन में अपने लोग भर देना, किसी भी वैचारिक विरोधी की हत्या कर देना, अपने से इतर किसीभी विचार को पनपने ना देना, जनता की आस्था श्रद्धा से जुड़े विषयों से भयभीत होना, अपने वर्चस्व को बनाये रखने के लिये माओवाद को गुप्त रूप से पनपने देना और सहायताकरना यह वामपंथ के शासन काल में होता आया है और यह उनके द्वारा शासित राज्यों में होने वाली घटनाओं में दिखता भी है।          कांग्रेस ने यह आचरण 50 के दशक से ही दिखाना शुरु कर दिया था, संस्थाओं में योग्यता ना होते हुए भी अपने लोगों को भरा गया, इतिहास को विकृत करने के लियेपश्चिम की दृष्टि से प्रभावित लोगों से इतिहास बनवाया गया जिसमे भारतीय दृष्टिकोण की नितांत कमी रही, जिनसे भी देश की श्रद्धा आस्था में बढोत्तरी हो, ऐसी प्रत्येक संस्कृति याउससे जुड़ी चीजों को उठने नही दिया गया, गौरक्षा आंदोलन को असफल करने के लिये संसद भवन के पास भी संतों पर गोलियां चलवाने में गुरेज नही किया गया। पंडित दीनदयालउपाध्याय जी, श्यामा प्रसाद मुखर्जी, एल.एन. मिश्रा जैसे व्यक्ति जो चुनौती देते दिखे, उनकी संदिग्ध मृत्यु हो गयी।           इस देश की विशेषता है कि तमाम दुश्वारियों के बाद भी इसने 800 वर्षों तक संघर्ष कर स्वयं को जीवित रखा है। इसी विशेषता के कारण कांग्रेस के छल प्रपंच 70 केदशक तक आते आते लोगों को समझ आ गये थे, लेकिन विचारधारा से लोकतांत्रिक और आचरण से पूर्णतया वामपंथी हो चुकी इंदिरा सरकार ने अपने को पूर्ण शक्तिशाली बनाने केलिये आपातकाल लगाया। वामपंथी हो चुकी कांग्रेस के विरोध में नये नये नेता लोकतंत्र की तख्ती लेकर सड़कों पर निकल आये। आपातकाल के विरुद्ध हुआ आंदोलन एक मंथन थाजिसमें लालू, मुलायम जैसे विष भी निकले। अपनी गलत नीतियों और कर्मों से गांधी परिवार के दो प्रधानमंत्रियों की हत्या हुई तो उसके भावुक पक्ष का लाभ लेकर कांग्रेस को कुछसाल और ऑक्सीजन मिल गयी। अपने आचरण में सभी प्रकार की बुराईयों से लैस कांग्रेस ने नेता तो पैदा किये, लेकिन योग्यता उनमे कैसे आये, इसकी कोई प्रक्रिया उस पूरी पार्टी मेंनही थी। शासन चलाने का अर्थ सिर्फ सत्ता में बने रहना और अगला चुनाव जीतना तक सीमित था। नरसिंहाराव योग्य थे लेकिन उनके साथ किस प्रकार का व्यवहार किया गया येसबने देखा। कांग्रेस के डांवाडोल होने का लाभ लालू, मुलायम, शरद यादव जैसे नेताओं को भी मिला, और उन्होंने भी राज्यों में सत्ता हथिया ली।           लोकतंत्र और समाजवाद के नाम पर आयी ये नयी खेप ने आते ही अपने आचरण में वामपंथी नीति ही अपनाई। अपने लोगों को शासन में भरना, गुंडों का संरक्षणकरना, आस्था श्रद्धा से जुड़ी किसी भी चीज को समाज में उभरने ना देना, भजन और कीर्तन तक पर रोक लगा देना, तुष्टीकरण के लिये सीमायें लांघ देना, और समाज के विघटन केलिये किसी भी हद तक चले जाना इनका शासन करने का तरीका रहा।            इन सबसे परे एक और दल था जो लोकतंत्र के लिये कार्य करता रहा, और देशहित में लोकतांत्रिक मूल्यों पर सत्ता चलाता रहा। इस दल की विशेषता रही कि इसके पासयोग्य नेता थे, और इसके पास एक प्रक्रिया थी जिसके द्वारा यह भविष्य के नेता तैयार करता था। और आज जब भाजपा ने सत्ता में लोकतांत्रिक मूल्यों को स्थापित किया है तो उसकाभय वामपंथी दलों के साथ वामपंथी आचरण वाले दलों में समा रहा है, जिसका परिणाम गठबंधन के रूप में आ रहा है। इस गठबंधन में वैचारिक दृष्टिकोण समान नही है, लेकिनआचरण के रूप में यह सब वामपंथी ही हैं, जो लोकतंत्र के स्थान पर उसी परंपरा पर शासन करने के आदी हैं जिसके अनुसार बंगाल, मध्यप्रदेश और केरल में दूसरे दलों केकार्यकर्ताओं की हत्यायें हो रही हैं, जिसके कारण उत्तर प्रदेश में भर्तियों में जमकर धांधली कर अपने लोग भरे गये थे, जिसके कारण बंगाल में दुर्गा पूजा और उत्तर प्रदेश में भजनकीर्तन पर प्रतिबंध लगा दिया गया था, और जिसके कारण केरल में सबरीमाला में जबरदस्ती प्रवेश किया जा रहा है।                       2019 का चुनाव देश का भविष्य तय करेगा, यह तय करेगा कि लोकतंत्र का मुखौटा डाले वामपंथी आचरण वाले माओवादी सरकार में आयें या फिर लोकतांत्रिकमूल्यों की सुरक्षा करते हुई ‘जनता की, जनता के द्वारा, जनता के लिये’ वाली सरकार शासन करे।             समस्या गठबंधन नही है, यदि इनके अंदर लोकतंत्र का सम्मान करते हुए देश को आगे बढाने की प्रवृत्ति होती तो फिर देश के भविष्य के लिये चिंतित होने कीआवश्यकता सामान्य जन को नही होती, समस्या ये है कि यह पार्टियां देश के लिये नही, अपनी सत्ता और दूसरे को कुचलने के लिये काम करती हैं, यह देश की संस्कृति परंपरा केस्थान पर तुष्टिकरण और विघटन को जन्म देती हैं, यह देश के गरीबों के लिये नही, अपने चाटुकारों और अपने को लाभ पहुंचाने वालों के लिये काम करती हैं।             यदि केंद्र की उपलब्धियों को देखें तो 5 वर्ष में इतना कुछ हुआ जितना 60 वर्षों नही हुआ। अयोग्य शासक देश, धर्म, संस्कृति और देश के नागरिकों सहित सभी कानुकसान करता है, लेकिन यह भी सत्य है कि नेता अयोग्य हो या योग्य, उसको चुनती जनता ही है, और जो चुना जायेगा, वो ऐसा होगा जिसे हमें भुगतना पड़ेगा, या वो ऐसा होगा जोहमें हमारी ईमानदारी और मेहनत का भुगतान करेगा, ये हमारे वोट पर निर्भर करेगा। 2019 सिर्फ चुनाव नही है, ये एक दोराहा है जिसमें एक राह विकास की है, और दूसरी देश केअपमान, अराजकता, गरीबी की है। देश के स्टीयरिंग को किस हाथ में देना है, यह निर्णय हमें ही लेना है।

NSE की पूर्व अध्यक्ष चित्रा रामकृष्ण पर शेयर बाजार में हेराफेरी के गंभीर आरोप

एक अनजान शख्स ने चित्रा से लुक को आकर्षक और इंटरेस्टिंग बनाने के लिए बालों को अलग तरह से बांधना सीखने को...

49 साल के पाकिस्तानी सांसद की 18 साल की लड़की से तीसरी शादी

पाकिस्तान की सत्ताधारी पार्टी पीटीआई के सांसद आमिर लियाकत हुसैन ने 18 साल की लड़की से तीसरी बार शादी की थी. यह...

शाहीन बागः रास्ता रोक पर रोक – डॉ. वेदप्रताप वैदिक

सर्वोच्च न्यायालय ने एक ऐसा फैसला दे दिया है, जिसके कारण सभी प्रदर्शनकारियों और धरनाधारियों को अब ज़रा सम्हलकर रहना होगा। शाहीन बाग में...

मॉडल यूनाइटेड नेशन्स कॉन्फ्रेन्स (एम.यू.एन.-2019) सी.एम.एस. में सम्पन्न

वैश्विक समस्याओं के समाधान सुझाए छात्रों ने सिटी मोन्टेसरी स्कूल, अलीगंज (प्रथम कैम्पस) के तत्वावधान में विद्यालय प्रांगण में चल रही मॉडल यूनाइटेड नेशन्स कॉन्फ्रेन्स...

एम्स अस्पताल नेहरू की नहीं राजकुमारी अमृत कौर अहलूवालिया की देन – गुरुजी भू

कुछ लोगों का मानना है कि एम्स जैसे अत्याधुनिक अस्पताल नेहरू ने बनवाए यह सर्वथा गलत है आज हम इसका विश्लेषण करेंगे। हर कांग्रेसी...

पारिजात – हरसिंगार एक दिव्य वृक्ष

हरसिंगार (परिजात) हरसिंगार एक दिव्य वृक्ष माना जाता है। हरसिंगार या हरिश्रृंगार का पुष्प भगवान हरि के श्रृंगार एवं पूजन में प्रयोग किया जाता है।...

IndvsWI: टी20 के बाद वनडे टीम से बाहर हुए चोटिल शिखर धवन, मयंक अग्रवाल...

वेस्ट इंडीज के खिलाफ 3 मैचों की आगामी वनडे सीरीज के लिए भारतीय ओपनर मयंक अग्रवाल को टीम में शामिल किया गया है. मयंक अग्रवाल 15...

भारत का शुक्रिया अदा करे पाकिस्तान – तस्लीमा नसरीन

 भारत का शुक्रिया अदा करे पाकिस्तान - तस्लीमा नसरीन बोलीं नई दिल्ली। बांग्लादेश की निर्वासित लेखिका तस्लीमा नसरीन ने कहा है कि पाकिस्तान को बालाकोट में आंतकवादी शिविर नष्ट करने के लिए भारत का...

कोर्बेवैक्स कोरोना वैक्सीन बच्चों लिए उपलब्ध होगी

केंद्र सरकार को कोर्बेवैक्स टीके की पहली खेप आज मिल जाएगी। बॉयोलॉजिकल ई द्वारा 12 से 18 साल...

भारत के लिए लाकडाउन का नया फार्मूला

दुनियाभर में ओम‍िक्रोन के बढ़ते प्रकोप के चलते एक बार फ‍िर लाकडाउन का मामला जोर पकड़ रहा है। दुनिया के कई मुल्‍कों...

विश्व के सबसे अद्भुत विश्व कवि सम्मेलन का ओनलाईन सफल आयोजन

नई दिल्ली: तरंग न्यूज़: विश्व मित्र परिवार, प्रकृति परिवार एवं विश्व महिला परिवार द्वारा आयोजित एवं कामधेनु चैनल प्राइवेट लिमिटेड, भारत समय, एमएस सेल्स...

पैर के तलवों में तेल मालिश करनें से 100 रोगों से मुक्ति – गुरुजी...

आश्चर्य किन्तु सत्य - निजी अनुभव तरंग न्यूज़ : आलेख: कोरोना काल में एक दिन अचानक पिताश्री को उल्टी होने लगी। दस्त भी हुआ। उनको पास...

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अमृतसर।पंजाब में मुख्यमंत्री पद को लेकर नवजोत सिंह सिद्धू और चरणजीत सिंह चन्नी के बीच तनातनी चल रही थी। इसमें कांग्रेस नेता...

साईकिल और अर्थव्यवस्था – गुरुजी भू

साइकिलिंग किसी भी अर्थव्यवस्था (GDP) के लिए हानिकारक हो सकती  है ? ये हास्यास्पद लगता है परन्तु सत्य है। बडे बडे अर्थशास्त्र के पण्डित मानते है...

मनोज तिवारी ने नामांकन से पहले रोड शो किया, कार्यकर्ताओं ने भरी विजय की...

मनोज तिवारी ने नामांकन से पहले रोड शो किया, कार्यकर्ताओं ने भरी विजय की हुंकार आज भारत विश्व में कीर्तिमान की ऊंचाइयों को छू रहा...

सीमापुरी विधानसभा में रोड शो कर मनोज तिवारी ने माँगा जनसमर्थन

  सीमापुरी विधानसभा में रोड शो कर मनोज तिवारी ने माँगा जनसमर्थन देश को कांग्रेस और दिल्ली को आम आदमी पार्टी ने नासूर बनकर पिछड़ापन, महँगाई...

दिल्ली की जनता ही तय करेगी कि चौकीदार चोर है या कोई और -मनोज...

दिल्ली में चोर और चौकीदार के बीच चुनाव में फैसला जनता करेगी। अब दिल्ली की जनता ही तय करेगी कि चैकीदार चोर है या कोई...

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ग्रेटर नोएडा में तीन दिवसीय ‘इंडिया बायोएनर्जी एंड टेक एक्सपो 2026’ का आगाज, 13...

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नई दिल्ली, चालू वित्त वर्ष में 10 अगस्त तक भारत का नेट डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन सालाना आधार पर 23 फीसदी बढ़कर 8.11 लाख करोड़ रुपए...

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विश्व हाथी दिवस की शुरुआत हाथियों के संरक्षण से जुड़े मुद्दों को वैश्विक स्तर पर सामने लाने के उद्देश्य से हुई। इस दिवस के...

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