पेड लगाएं जीवन सुखद बनाएं हर व्यक्ति हर वर्ष एक पेड लगाएगा, तो धरती पर स्वर्ग बनाएगा
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पेड़ लगाओ पेड़ बचाओ गुरुजी भू के मिशन से लोग जुड़ रहे हैं

पेड़ लगाओ पेड़ बचाओ गुरुजी भू के मिशन से लोग जुड़ रहे हैं। गुरुजी भू त्यागी के मिशन में पेड़ लगाओ पेड़ बचाओ से अधिक...

पहले चरण के लोकसभा चुनाव शांतिपूर्ण संपन्न

पहले चरण के लोकसभा चुनाव शांतिपूर्ण संपन्न लोकसभा चुनाव के पहले दौर में गुरुवार 11 अप्रैल को 18 राज्यों और दो केंद्र-शासित प्रदेशों की 91 सीटों पर...

केजरीवाल जागों, आयुष्मान को लागू करो, नहीं तो सत्ता छोड़ दिल्ली से माफी मांगो-पूनम...

केजरीवाल जागों, आयुष्मान को लागू करो, नहीं तो सत्ता छोड़ दिल्ली से माफी मांगो-पूनम पाराशर झा आयुष्मान भारत योजना को दिल्ली में रोक कर केजरीवाल...

न्याय सबके लिए बराबर हो ! मीडिया को भी समाचारों को समानता, निष्पक्षता का...

    न्याय सबके लिए बराबर हो ! मीडिया को भी समाचारों में समानता, निष्पक्षता का परिचय देना चाहिए। संकलन कर्ता - श्री गुरुजी भू मानवाधिकारी, मीडिया हो...

दिल्ली की जनता ही तय करेगी कि चौकीदार चोर है या कोई और -मनोज...

दिल्ली में चोर और चौकीदार के बीच चुनाव में फैसला जनता करेगी। अब दिल्ली की जनता ही तय करेगी कि चैकीदार चोर है या कोई...

कानपुर में भीषण सड़क दुर्घटना, चार की मौत, बीस से अधिक लोग घायल

कानपुर में भीषण सड़क दुर्घटना, चार की मौत, बीस से अधिक लोग घायल तरंग संवाददाता - मयंक चतुर्वेदी कानपुर में भीषण सड़क हादसा, चार की मौत...

कानपुर, आर्डिनेंस फैक्ट्री बॉयलर फटने से तेज धमाका, अभी तक विस्फोट के कारणों का...

कानपुर, आर्डिनेंस फैक्ट्री बॉयलर फटने से तेज धमाका, अभी तक विस्फोट के कारणों का पता नही चला है। तरंग संवाददाता - मयंक चतुर्वेदी कानपुर :-...

बिहार समाचार

बिहार समाचार तरंग:पटना- मैट्रिक परीक्षाफल 2019 बीएसइबी ने कम्पार्टमेंट परीक्षा की घोषणा की, अगले माह होगी परीक्षा, कम्पार्टमेंट की परीक्षा, 11 अप्रैल से 16 अप्रैल तक...

नई दिल्ली में ‘राजस्थान दिवस’ समारोह में कई प्रतिभाओं का सम्मान

दिल्ली में आयोजित 'राजस्थान दिवस' समारोह में कई प्रतिभाओं का सम्मान उदयपुर की जानी मानी साहित्यकार डॉ.तारा दीक्षित एवं मेवाड़ यूनिवर्सिटी के कुलपतिडॉ.अशोक कुमार गड़ियां सम्मानित तरंग न्यूज: नई दिल्ली, 08 अप्रैल, 2019। नईदिल्ली में प्रवासी राजस्थानियों की फेडरेशन संस्था 'राजस्थान संस्था संघ' द्वारा राजस्थान अकादमी एवं अन्य घटक संस्थाओं के सहयोग से रविवार शाम कोआईटीओ के पास हिंदी भवन में'राजस्थान दिवस' का भव्य समारोह काआयोजन किया गया । समारोह में मेवाड़ यूनिवर्सिटी के कुलपतिडॉ.अशोक कुमार गड़ियां,राजस्थान स्किलयूनिवर्सिटी के वाईस चांसलर डॉ. ललितके पंवार, उदयपुर की जानी मानीसाहित्यकार डॉ.तारा दीक्षित, समाजसेवीसुमन कुमार गुप्ता एवं पत्रकार मनमोहनरामावत को अपने अपने क्षेत्र में उत्कृष्टकार्य सेवाओं के लिए सम्मानित किया...

भारत में बलात्कार का आरंभ और यौन अपराध किसकी देन ?

भारत में बलात्कार का आरंभ और यौन अपराध किसकी देन ? इतिहास में भारत की महानतम उपलब्धियों को जन-जन तक पहुंचाने की आवश्यकता है। अब तक...

केवल घोषणापत्र नही, वरन ये सेवा का संकल्प पत्र है – भाजपा 

केवल घोषणापत्र नही, वरन ये सेवा का संकल्प पत्र है - भाजपा  तरंग संवाददाता: नई दिल्ली। आज भाजपा का संकल्प पत्र जारी किया गया। बीजेपी ने...

कांग्रेस का घोषणापत्र देश की सुरक्षा पर क्रूरतम प्रहार है – मनोज तिवारी

कांग्रेस का घोषणापत्र देश की सुरक्षा पर क्रूरतम प्रहार है, कांग्रेस पार्टी लगातार सेना के शौर्य एवं उनके शहादत का अपमान करती आई है,...

ध्यान गुरु अर्चना दीदी के सान्निध्य में नव वर्ष कार्यक्रम

ध्यान गुरु अर्चना दीदी के सान्निध्य में नव वर्ष कार्यक्रम 7 अप्रैल, 2019, ध्यान गुरु अर्चना दीदी की पावन उपस्थिति में लोधी गार्डन, दिल्ली में...

अभिनेत्री सुस्मिता मुखर्जी व नन्दिता ओम पुरी एवं बाल कलाकार सुहानी भटनागर व नमन...

अन्तर्राष्ट्रीय बाल फिल्म महोत्सव ‘आई.सी.एफ.एफ.-2019’ का तीसरा दिन 101 देशों की शिक्षात्मक बाल फिल्मों का आनंद उठाने उमड़ी बच्चों की भारी भीड़ सिटी मोन्टेसरी स्कूल के...

वाट्सेपियों की कलम से नया प्रसंग है।

  वाट्सेपियों की कलम से नया प्रसंग है। लेखक का तो पता नही चल पाया। फिर भी व्यंग अच्छा है। ताजा लोकसभा चुनाव के 23 मई 2019...

श्रीराम जन्मभूमि मंदिर निर्माण की समस्त बाधाएं शीघ्र दूर होंगीं : अलोक कुमार

देश भर में हुए करोड़ों विजय महा-मन्त्रों के जाप     श्री राम जन्मभूमि पर भव्य मंदिर के निर्माण में आने वाली बाधाओं को दूर करने हेतु...

1028 स्कूलों में से 800 स्कूलों में प्रिंसिपल नहीं है-विजय गोयल

1028 स्कूलों में से 800 स्कूलों में प्रिंसिपल नहीं है-विजय गोयल केन्द्रीय मंत्री एवं पूर्व भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री विजय गोयल, सांसद श्री रमेश बिधूड़ी...

भारतीय जनता पार्टी सभी 14 जिलों व 280 मंडलों में मनायेगी पार्टी का...

भारतीय जनता पार्टी और उसकी विचारधारा का जन्म 6 अप्रैल 1980 में हुआ  भाजपा का 40 वां स्थापना दिवस प्रदेश कार्यालय पर मनाया जायेगा।...

चैत्र नवरात्र 2019

चैत्र नवरात्र 2019 नवरात्रि हिन्दू धर्म के प्रमुख पर्वों में से एक है जिसे सभी क्षेत्रों में बड़ी श्रद्धा से मनाया जाता है। नौ दिनों...

कश्मीर समस्या नेहरू की देन- मनोहर लाल खटटर

  कश्मीर समस्या नेहरू की देन- मनोहर लाल खटटर हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने हिसार जिले के कैमरी में एक जनसभा को संबोधित करते हुए...

आचरण से वामपंथी और भाषणो में लोकतांत्रिक – किशोर बड़थ्वाल

आपको लगता है कि ममता बनर्जी के शासन संभालने के बाद बंगाल में वामपंथी शासन समाप्त हो गया था? यही बात अखिलेश शासन काल के लिये सोच कर देखिये,क्या वह एक लोकतांत्रिक दल होने के नाते समाजवादी विचारधारा पर काम कर रहा था? यही बात मध्य प्रदेश और राजस्थान की नई सरकार के बारे में विचार कर के देखें, क्या वोगांधी जी या शास्त्री जी वाली कांग्रेस की किसी भी विचारधारा से मेल खाते हुए शासन कर रहे हैं? कर्नाटक सरकार का शासन लोकतांत्रिक मूल्यों का सम्मान करते हुए शासन चला रहाहै?  इन सब पर विचार करें तो यही आभास होता है कि लोकतांत्रिक दल होने के बाद भी इनकी कार्यशैली में वामपंथ ने तेजी से पैर पसार लिये हैं।        लोकतंत्र का विलाप करने वाले अक्सर ‘जनता का, जनता के लिये, जनता के द्वारा’ का नारा लगाते हैं, क्या पश्चिम बंगाल, कर्नाटक, राजस्थान, मध्यप्रदेश की सत्ता केनिर्णयों में इस सद्वाक्य का कोई भी आभास लगता है? वामपंथ का ध्येय सूत्र ‘सरकार ही सब कुछ’ के अनुसार चलने वाली सत्ता का तो समझ आता है कि यह उनकी विचारधारा है,और वो लोकतंत्र में चुनकर आने के बाद अपनी विचारधारा से ही शासन चलायेंगे, लेकिन लोकतांत्रिक मूल्यों पर दिन रात ढिंढोरा पीटने वाली पार्टियां अपने लोकतांत्रिक दायित्वों कोकैसे वामपंथी विचारधारा से चलाती हैं, यह समझ से परे है।             दल के रूप में वामपंथ का पतन भी हुआ है और आकार भी घटा है, लेकिन आचरण और व्यवहार के रूप में स्वतंत्रता के बाद से ही इसने अनेकों लोकतांत्रिक दलों मेंसंक्रमण कर लिया था। जो काम पश्चिम बंगाल की वामपंथी सरकार सत्ता में आने के बाद 34 वर्षों तक करती रही, उस आचरण को स्वतंत्रता के बाद से ही कांग्रेस ने अपने आचरण मेंउतार लिया था। सत्ता में किसी भी प्रकार से आने के लिये विरोधियों को कुचलना, प्रशासन में अपने लोग भर देना, किसी भी वैचारिक विरोधी की हत्या कर देना, अपने से इतर किसीभी विचार को पनपने ना देना, जनता की आस्था श्रद्धा से जुड़े विषयों से भयभीत होना, अपने वर्चस्व को बनाये रखने के लिये माओवाद को गुप्त रूप से पनपने देना और सहायताकरना यह वामपंथ के शासन काल में होता आया है और यह उनके द्वारा शासित राज्यों में होने वाली घटनाओं में दिखता भी है।          कांग्रेस ने यह आचरण 50 के दशक से ही दिखाना शुरु कर दिया था, संस्थाओं में योग्यता ना होते हुए भी अपने लोगों को भरा गया, इतिहास को विकृत करने के लियेपश्चिम की दृष्टि से प्रभावित लोगों से इतिहास बनवाया गया जिसमे भारतीय दृष्टिकोण की नितांत कमी रही, जिनसे भी देश की श्रद्धा आस्था में बढोत्तरी हो, ऐसी प्रत्येक संस्कृति याउससे जुड़ी चीजों को उठने नही दिया गया, गौरक्षा आंदोलन को असफल करने के लिये संसद भवन के पास भी संतों पर गोलियां चलवाने में गुरेज नही किया गया। पंडित दीनदयालउपाध्याय जी, श्यामा प्रसाद मुखर्जी, एल.एन. मिश्रा जैसे व्यक्ति जो चुनौती देते दिखे, उनकी संदिग्ध मृत्यु हो गयी।           इस देश की विशेषता है कि तमाम दुश्वारियों के बाद भी इसने 800 वर्षों तक संघर्ष कर स्वयं को जीवित रखा है। इसी विशेषता के कारण कांग्रेस के छल प्रपंच 70 केदशक तक आते आते लोगों को समझ आ गये थे, लेकिन विचारधारा से लोकतांत्रिक और आचरण से पूर्णतया वामपंथी हो चुकी इंदिरा सरकार ने अपने को पूर्ण शक्तिशाली बनाने केलिये आपातकाल लगाया। वामपंथी हो चुकी कांग्रेस के विरोध में नये नये नेता लोकतंत्र की तख्ती लेकर सड़कों पर निकल आये। आपातकाल के विरुद्ध हुआ आंदोलन एक मंथन थाजिसमें लालू, मुलायम जैसे विष भी निकले। अपनी गलत नीतियों और कर्मों से गांधी परिवार के दो प्रधानमंत्रियों की हत्या हुई तो उसके भावुक पक्ष का लाभ लेकर कांग्रेस को कुछसाल और ऑक्सीजन मिल गयी। अपने आचरण में सभी प्रकार की बुराईयों से लैस कांग्रेस ने नेता तो पैदा किये, लेकिन योग्यता उनमे कैसे आये, इसकी कोई प्रक्रिया उस पूरी पार्टी मेंनही थी। शासन चलाने का अर्थ सिर्फ सत्ता में बने रहना और अगला चुनाव जीतना तक सीमित था। नरसिंहाराव योग्य थे लेकिन उनके साथ किस प्रकार का व्यवहार किया गया येसबने देखा। कांग्रेस के डांवाडोल होने का लाभ लालू, मुलायम, शरद यादव जैसे नेताओं को भी मिला, और उन्होंने भी राज्यों में सत्ता हथिया ली।           लोकतंत्र और समाजवाद के नाम पर आयी ये नयी खेप ने आते ही अपने आचरण में वामपंथी नीति ही अपनाई। अपने लोगों को शासन में भरना, गुंडों का संरक्षणकरना, आस्था श्रद्धा से जुड़ी किसी भी चीज को समाज में उभरने ना देना, भजन और कीर्तन तक पर रोक लगा देना, तुष्टीकरण के लिये सीमायें लांघ देना, और समाज के विघटन केलिये किसी भी हद तक चले जाना इनका शासन करने का तरीका रहा।            इन सबसे परे एक और दल था जो लोकतंत्र के लिये कार्य करता रहा, और देशहित में लोकतांत्रिक मूल्यों पर सत्ता चलाता रहा। इस दल की विशेषता रही कि इसके पासयोग्य नेता थे, और इसके पास एक प्रक्रिया थी जिसके द्वारा यह भविष्य के नेता तैयार करता था। और आज जब भाजपा ने सत्ता में लोकतांत्रिक मूल्यों को स्थापित किया है तो उसकाभय वामपंथी दलों के साथ वामपंथी आचरण वाले दलों में समा रहा है, जिसका परिणाम गठबंधन के रूप में आ रहा है। इस गठबंधन में वैचारिक दृष्टिकोण समान नही है, लेकिनआचरण के रूप में यह सब वामपंथी ही हैं, जो लोकतंत्र के स्थान पर उसी परंपरा पर शासन करने के आदी हैं जिसके अनुसार बंगाल, मध्यप्रदेश और केरल में दूसरे दलों केकार्यकर्ताओं की हत्यायें हो रही हैं, जिसके कारण उत्तर प्रदेश में भर्तियों में जमकर धांधली कर अपने लोग भरे गये थे, जिसके कारण बंगाल में दुर्गा पूजा और उत्तर प्रदेश में भजनकीर्तन पर प्रतिबंध लगा दिया गया था, और जिसके कारण केरल में सबरीमाला में जबरदस्ती प्रवेश किया जा रहा है।                       2019 का चुनाव देश का भविष्य तय करेगा, यह तय करेगा कि लोकतंत्र का मुखौटा डाले वामपंथी आचरण वाले माओवादी सरकार में आयें या फिर लोकतांत्रिकमूल्यों की सुरक्षा करते हुई ‘जनता की, जनता के द्वारा, जनता के लिये’ वाली सरकार शासन करे।             समस्या गठबंधन नही है, यदि इनके अंदर लोकतंत्र का सम्मान करते हुए देश को आगे बढाने की प्रवृत्ति होती तो फिर देश के भविष्य के लिये चिंतित होने कीआवश्यकता सामान्य जन को नही होती, समस्या ये है कि यह पार्टियां देश के लिये नही, अपनी सत्ता और दूसरे को कुचलने के लिये काम करती हैं, यह देश की संस्कृति परंपरा केस्थान पर तुष्टिकरण और विघटन को जन्म देती हैं, यह देश के गरीबों के लिये नही, अपने चाटुकारों और अपने को लाभ पहुंचाने वालों के लिये काम करती हैं।             यदि केंद्र की उपलब्धियों को देखें तो 5 वर्ष में इतना कुछ हुआ जितना 60 वर्षों नही हुआ। अयोग्य शासक देश, धर्म, संस्कृति और देश के नागरिकों सहित सभी कानुकसान करता है, लेकिन यह भी सत्य है कि नेता अयोग्य हो या योग्य, उसको चुनती जनता ही है, और जो चुना जायेगा, वो ऐसा होगा जिसे हमें भुगतना पड़ेगा, या वो ऐसा होगा जोहमें हमारी ईमानदारी और मेहनत का भुगतान करेगा, ये हमारे वोट पर निर्भर करेगा। 2019 सिर्फ चुनाव नही है, ये एक दोराहा है जिसमें एक राह विकास की है, और दूसरी देश केअपमान, अराजकता, गरीबी की है। देश के स्टीयरिंग को किस हाथ में देना है, यह निर्णय हमें ही लेना है।

मेरी चर्चा को तोड-मरोड़ कर प्रस्तुत किया गया, कानूनी कार्यवाही करूंगा – डॉ उदितराज

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आओ मतदान करें हम , राष्ट्र नवनिर्माण करें हम। – गुरुजीभू

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डॉ केशव बलिराम हेडगेवार – जन्मदिन विशेष

1अप्रैल दिन विशेष डॉ केशव बलिराम हेडगेवार जन्म - 1 अप्रैल 1889 नागपुर, भारत मृत्यु - 21जून , 1940 (उम्र 51)नागपुर, भारत राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के संस्थापक डा. केशव...

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नई दिल्ली, चालू वित्त वर्ष में 10 अगस्त तक भारत का नेट डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन सालाना आधार पर 23 फीसदी बढ़कर 8.11 लाख करोड़ रुपए...

नववर्ष मेला समिति का रक्तदान शिविर 26 अगस्त को

नववर्ष मेला समिति का रक्तदान शिविर 26 अगस्त को मथुरा। नववर्ष मेला समिति की मंगलवार को सरस्वती शिशु मंदिर दीनदयाल नगर मथुरा में आयोजित बैठक में...